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DNA ANALYSIS: अद्भुत! पहली बार मानव रहित ड्रोन ने हवा में उड़ते हुए फाइटर जेट में भरा ईंधन

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नई दिल्ली: इंसान भले कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ युद्ध में बेबस है लेकिन पारम्परिक युद्ध में आज भी उसके पास कई आधुनिक शक्तियां हैं और इसे आप इस तस्वीर से समझ सकते हैं. अमेरिका से आई इस तस्वीर में आप देखेंगे कि कैसे American Navy के एक फाइटर जेट में मानव रहित ड्रोन से हवा में ईंधन भरा गया. दुनिया में ऐसा पहली बार हुआ, जब एक मानव रहित ड्रोन ने हवा में उड़ते हुए एक फाइटर जेट में ईंधन भरा.

अब आपको इस वीडियो की पूरी कहानी के बारे में बताते हैं. असल में किसी फाइटर जेट के जैसा दिखने वाला ये ड्रोन अमेरिका की Aerospace Company Boeing ने विकसित किया है. इस ड्रोन की ख़ास बात ये है कि इसे उड़ाने के लिए किसी पायलट की ज़रूरत नहीं होती और ये ड्रोन एक बार में 6 हज़ार 750 लीटर ईंधन लेकर उड़ सकता है. टेस्टिंग फ्लाइट के दौरान इस ड्रोन से फाइटर जेट में 146 लीटर ईंधन भरा गया था. कहने का मतलब ये है कि अपनी एक उड़ान के दौरान ये एक से ज़्यादा फाइटर जेट में भी ईंधन भरने की क्षमता रखता है.

आप सोच रहे होंगे कि इस ड्रोन का फायदा क्या है?

तो अभी युद्ध और संघर्ष की स्थिति में Refueling के लिए एक विमान की ज़रूरत पड़ती है और उस विमान को उड़ाने के लिए एक ट्रेंड पायलट की आवश्यकता होती है. इस तरह से एक विमान से एक फाइटर जेट में उड़ान के दौरान हवा में ईंधन भरा जाता है.

इसके अलावा फाइटर जेट्स में ईंधन भरने के लिए उनका बार-बार कैरियर पर आना भी काफ़ी जोखिम भरा होता है, लेकिन अब ये ड्रोन इस जोखिम को ख़त्म कर देगा. महत्वपूर्ण बात ये है कि इसके इस्तेमाल से एक विमान और उसे उड़ाने के लिए एक ट्रेंड पायलट की ज़रूरत नहीं होगी. युद्ध की स्थिति में ये तकनीक काफ़ी काम आएगी. यानी ये ड्रोन तकनीक कई समाधान लेकर आई है.

हालांकि इस ख़बर से संबंधित एक क़ीमती जानकारी भी आज हमारे पास है.

आज भी सभी देशों में Mid Air Refueling के लिए एक अतिरिक्त विमान और पायलट रखा जाता है. ये तकनीक पहली बार 27 जून वर्ष 1923 को इस्तेमाल हुई थी. तब Russian-American Aviator – Alexander P. de Seversky ने अमेरिका की Army Air Service के एक जहाज़ से दूसरे जहाज़ में ईंधन भरा था. यानी ये तकनीक लगभग 98 वर्ष पुरानी है और संभव है कि आने वाले समय में ये तकनीक रिटायरमेंट ले ले और इसकी जगह ऐसे ड्रोन अपना स्थान बना लें.





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