LIFESTYLE

Happy Holi 2021: होली का रंग खरीदते वक्त इन बातों का रखें ध्यान, आसान टिप्स से करें असली नकली की पहचान

Spread the love


होली का रंग को खरीदते समय ध्यान दें कि रंग में से किसी तरह के मिलावट तो नही है या फिर किसी केमिकल या पेट्रोल की गंध तो नहीं आ रही

नई दिल्ली। होली का हम सबको बेसब्री से इंतजार रहता है, होली पर एक दूसरे को रंग गुलाल लगा कर अपनी खुशी का इजहार करते हैं लेकिन रंग-गुलाल खरीदने में होने वाली चूक कहीं भारी ना पड़ जाए इस लिए सावधान रहें सुरक्षित और इकोफ्रेडली रंग का इस्तेमाल करें। यदि आप होली के लिए रंग खरीदने जा रहे हैं तो इस बात का ध्यान अवश्य रखें कि उनमें कोई मिलावट ना हो। यदि आप समय पर इसकी पहचान कर लेंगे तो त्वचा पर होने वाले घातक परिणामों से बच सकते है। आइए जानते हैं कि रंगों के असली और नकली होने का पता कैसे लगा सकते हैं।

यह भी पढ़ें:- होली 2021: क्यों मनाया जाता है होली का त्योहार, जानिए इसके पीछे का इतिहास, और महत्व

कलर पैकेट की जांच करें-

होली पर कलर खरीदते वख्त पैकेट का बारीकी से निरीक्षण करें, यदि पैकेट कहीं से कटा-फटा या कमजोर है तो उसकी गुणवत्ता में संदेह होता है। ऐसे कलर के पैकेट को खरीदने से पहले उसकी भली तरह से जांच करलें। ज्यादा चटकदार रंग केमिकल से बना हो सकता है ऐसे रंगों से परहेज करने में ही भलाई है।

चमकदार रंगों से रहे सावधान-

यदि आप होली के लिए रंग गुलाल खरीदने जा रहे हैं तो बाजार में बिकने वाले रंगों में ऑर्गेनिक और कुदरती रंग को ही चुने। सबसे खास बात यह है यदि रंगों में चमकीला पदार्थ नज़र आता है तो वह रंग कैमिकल युक्त हो सकते है ऐसे रंगों से सावधान रहें। ये आपके स्किन के लिए नुकसान दायक हो सकते हैं। ऑर्गेनिक कलर फूलों से बनाए जाते हैं, ये गुलाब, मेहंदी या दूसरे फूलों से तैयार किए जाते हैं ऐसे में ये चटकदार या चमकीले नहीं होंगे।

यह भी पढ़ें:-Holi: कोरोनाकाल में होली की पार्टी में शामिल करें ये हेल्दी चीजें, मजबूत होगी इम्यूनिटी

दिखावे से बचें और पैकेट पर लिखी वर्निंग को पढ़े-

बाज़ार में रंग खरीदने से पहले पैकेट पर लिखे निर्देशों को बारीकी से पढ़ें उस पर लिखे इनग्रेडियंस को जांचे, यदि लिखे गए निर्देशों को समझने में कुछ परेशानी है तो उसके बारे में नेट पर सर्च करने के बाद ही रंग खरीदें अन्यथा कहीं नकली या कैमिकल युक्त रंग ना खरीद बैठें नहीं तो यह रंग मुसीबत का कारण बन सकता है।

रंगों को पानी में घोल कर जांच करें-

यदि संभव हो तो रंग गुलाल खरीदने से पहले थोड़ा रंग पानी में घोलें यदि पानी में रंग आसानी से घुल जाता है और बाद में सादे पानी से रंग साफ भी हो जाता है तो रंग असली और ऑर्गेनिक माना जा सकता है, यदि संभव हो तो स्किन पर रंग को लगा कर देखें यदि किसी तरह का कोई असर समझ नहीं आ रहा है तो रंग नेचुरल और ऑर्गेनिक हो सकता है, अन्यथा कैमिकल युक्त कलर हो सकता है।

ऑफर के चक्कर से बचें-

बाजार में इन दिनों ऑफर्स की भरमार है, हर नुक्कड़ पर ऑफर के साथ कलर बिकते नज़र आते हैं और ज्यादातर लोग ऑफर के लालच में असली-नकली को भुला कर कुछ भी खरीद बैठते हैं, जो बाद में परेशानी का कारण बन जाता है। ऐसे में ऑफर की बजाय शुद्धता पर विशेष ध्यान दें, होसकता है ऑर्गेनिक कलर कुछ महंगा हो पर वह सुरक्षित होगा।

कोरोना महामारी के दौर में कोरोना के संक्रमण से बचते हुए इस होली पर यदि इन सावधानियों पर अमल करेंगे तो होली खुशियों भरी हो सकती है।





Source link


Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *