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Jaipur : पार्क में करंट से बच्चे की मौत का मामला, उद्यान विंग से जुड़े अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल

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Jaipur : जयपुर (Jaipur News) के मानसरोवर इलाके में बिजली के पोल पर लटके तार से चिपककर बच्चे की हुई मौत के मामले में जिम्मेदारों पर कार्यवाही नहीं करने काे लेकर सवाल उठने लगे हैं. कांग्रेस के कुछ पार्षदों ने इस मामले में निगम प्रशासन पर उद्यान शाखा से जुड़े शाखा के अधिकारियों-कर्मचारियों को बचाने का आरोप लगाया है. जबकि इस मामले में जितने जिम्मेदार लाइट शाखा के अधिकारी है उतने ही उद्यान विंग से जुड़े अधिकारी. 

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राजधानी जयपुर में 3 दिन पहले मानसरोवर स्थित पार्क के खेलते समय करंट (Current) लगने से मासूम की मौत के बाद नगर निगम की लाइट विंग के जेईएन और लाइट इंस्पेक्टर को निलंबित कर भले ही निगम प्रशासन ने इतिश्री कर ली हो.  लेकिन इतने ही जिम्मेदार उद्यान शाखा के अधिकारी है. उनको आला अफसर बचाने में लगे हुए हैं. 

दरअसल जयपुर नगर निगम क्षेत्र में बने तमाम पार्को का रखरखाव और सुरक्षा का जिम्मा नगर निगम की उद्यान विंग करती है. इसके लिए बकायदा सुपरवाइजर, इंजीनीयर और सुरक्षा गार्ड होते है. इसके अलावा पार्को में साफ-सफाई और रखरखाव का काम ठेकेदार के मार्फत करवाया जाता है. इस पूरे काम पर हर साल करोड़ों रुपया खर्च भी होता है. कांग्रेस के पार्षद करण शर्मा ने नगर निगम आयुक्त (Municipal Commissioner) को पत्र लिखकर कहा कि जब पार्क के रखरखाव की जिम्मेदारी उद्यान विंग की है तो उन्होंने समय रहते क्यों इस खामी को ठीक नहीं करवाया? जबकि पार्क के रखरखाव की जिम्मेदारी सुपरवाइजर, जेईएन, ठेकेदार और उद्यानविज्ञ सबकी होती है.

नगर निगम ग्रेटर में पार्को को जिम्मा जिन अफसरों पर है वो है उद्यानविज्ञ रविन्द्र सिंह, जेईएन सीमा मीणा और सुपरवाइजर सुरेन्द्र तिवाड़ी. रविन्द्र सिंह नगर निगम ग्रेटर में उद्यानविज्ञ है और उन्ही पर पूरे शहर के पार्को की जिम्मेदारी है. सुरेन्द्र तिवाड़ी मानसरोवर क्षेत्र के पार्को का सुपरवाइजर है. जबकि सीमा मीणा उद्यान शाखा में जेईएन है. इन तीनों की जिम्मेदारी पार्को में टूट-फूट ठीक करवाना, पार्को में लगे लाइट के पोल व बिजली के बॉक्स जिनमें कोई खराबी है उन्हे ठीक करवाना है. इसके अलावा पार्क में सुरक्षा गार्ड नियुक्त होते है जो पार्क में रात 8 बजे बाद लोगों को आने-जाने से रोकते है, लेकिन मौके पर गार्ड भी तैनात नहीं था. नगर निगम ग्रेटर की कार्यवाहक मेयर शील धाबाई ने शहर के कुछ पार्को का दौरा कर वहां की व्यवस्थाएं देखी. खासकर उनका पूरा ध्यान पार्को में लगे लाइट्स के पोल और बिजली बॉक्स पर रहा. जहां कुछ जगह उन्हे बिजली के पोल खुले मिले जिसे मौके पर ही बंद करवाया. 

बहरहाल, मासूम की मौत के बाद नगर निगम प्रशासन (Jaipur Nagar Nigam) ने आनन-फानन में पार्को में लगे बिजली के पोलो की जांच करवाई, लेकिन आज भी शहर के पार्कों में खुले तार हादसों को न्योता दे रहे हैं. पार्षद लगातार नगर निगम की लाइट विंग में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है अब पार्षद कहने लगे हैं पहले ही एक घर का चिराग बुझ चुका है क्या दूसरे चिराग बुझने का अफसर इंतजार कर रहे हैं. 

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