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Mental Health: सिर्फ सच्ची दोस्त नहीं बल्कि एक मेंटल थेरेपी भी हैं किताबें

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किताबें मनुष्य की सबसे सच्ची दोस्त हैं. ऐसा हम नहीं, बल्कि कई विद्वान और ज्ञानी कह गए हैं. हम यह कहते हैं कि किताबें सिर्फ दोस्त ही नहीं, बल्कि एक मेंटल थेरेपी भी हैं. ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं, क्योंकि किताबें पढ़ने से आपके ज्ञान, लेखन, तर्क क्षमता और शब्दावली में तो इजाफा होता ही है. बल्कि इसके साथ दिमाग को शांति भी मिलती है और जीवन में चल रही कई समस्याओं का समाधान भी मिलता है. किताबें पढ़ना एक दिमागी एक्सरसाइज है, जो आपकी दिमागी क्षमता का विकास करके आपको सामाजिक स्तर पर मान-सम्मान भी दिलाती है. आइए जानते हैं कि किताबें पढ़ने से कौन-कौन से फायदे मिलते हैं.

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किताबें पढ़ना एक मेंटल थेरेपी है
इंसान के जीवन में कई ऐसी दिक्कतें होती हैं, जिनका समाधान निकालना उसकी क्षमता से बाहर होता है. इन समस्याओं के कारण वह परेशान रहने लगता है और दूसरी चीजों पर ध्यान नहीं दे पाता. लेकिन किताबें पढ़ने से आप दूसरों के दृष्टिकोण और अनुभवों को जान पाते हैं, जो कि आपकी समस्या का समाधान ढूंढने में भी मदद कर सकते हैं. इसी तरह आपके अंदर सकारात्मकता का संचार होता है. इन्हीं कारणों की वजह से किताबें पढ़ने से मेंटल थेरेपी की तरह आराम मिलता है.

दिमाग मजबूत रहता है
किताब पढ़ने से आपका दिमाग मजबूत रहता है. शरीर की तरह दिमाग को मजबूत रखने के लिए आपको एक्सरसाइज की जरूरत होती है. किताबें पढ़ना एक बेहतरीन दिमागी एक्सरसाइज है, जो उसके याद करने, जानकारी संग्रहित करने और प्रतिक्रिया देने की क्षमता को बढ़ाने में मदद करती है. एक शोध के मुताबिक, किताब पढ़ने वाले लोगों का दिमाग ऐसा ना करने वाले लोगों के मुकाबले 32 प्रतिशत तेज काम करता है.

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तनाव घटता है
जीवन में हर किसी को किसी न किसी बात का तनाव है. तनाव में इंसान के दिमाग में सिर्फ वही परेशानी चलती रहती है और वह परेशान होता रहता है. लेकिन किताबें पढ़ना आपके तनाव को कम कर सकता है. इसका पहला कारण यह है कि किताबें पढ़ने से आपका दिमाग तनाव पैदा करने वाले विचार से भटक जाता है और आप राहत महसूस करते हैं. दूसरा कारण यह है कि किताबें पढ़ने से आप दिमाग को रिलैक्स करने में मददगार रास्ते या विचार भी सीख सकते हैं.

बुद्धि व रचना में बढ़ोतरी
बुद्धि व रचना ऐसी चीज हैं, जो अपने जैसे वातावरण में तेजी से विकास करती हैं. मसलन, अगर आप बुद्धि का विकास करना चाहते हैं, तो ज्ञानवर्धन किताबें या माहौल में रहें. आप इससे बहुत कुछ सीखेंगे और मुश्किल समय में कैसे कदम उठाने हैं, वह जान पाएंगे. इसी तरह रचनात्मकता भी क्रिएटिव किताबें पढ़कर बढ़ती है.

यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है. इसका हम दावा नहीं करते हैं.





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